कुछ लोगो को लगता है कि कुरआन के अनुसार पृथ्वी समतल है जबकि कुरआन की एक भी आयत यह नहीं कहती है कि पृथ्वी समतल (फ्लैट) है. कुरआन केवल एक कालीन के साथ पृथ्वी की पपड़ी की तुलना करता है.
कुछ लोगों को लगता है की कालीन को केवल एक निरपेक्ष समतल सतह पर ही रखा जा सकता हैं. लेकिन ऐसा नहीं है, किसी कालीन को पृथ्वी जैसे किसी बड़े क्षेत्र पर फैलाया जा सकता है. पृथ्वी के एक विशाल मॉडल को किसी कालीन से साथ ढक कर आसानी से इस बात को समझा जा सकता है.
वही है जिसने तुम्हारे लिए धरती को पालना (बिछौना) बनाया और उसमें तुम्हारे लिए रास्ते निकाले और आकाश से पानी उतरा. फिर हमने उसके द्वारा विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधे निकाले [कुरआन 20:53].
कालीन को आम तौर पर किसी ऐसी सतह पर पर डाला जाता है, जो चलने में बहुत आरामदायक नहीं होती है. पवित्र कुरआन तार्किक आधार पर एक कालीन के रूप में पृथ्वी की पपड़ी (उपरोक्त तस्वीर के अनुसार उपरी सतह) का वर्णन करता है, जिसके नीचे गर्म तरल पदार्थ हैं एवं जिसके बिना मनुष्य के लिए प्रतिकूल वातावरण में जीवित रहना सक्षम नहीं होता. कुरआन का यह ज्ञान भूवैज्ञानिकों के द्वारा सदियों की खोज के बाद उल्लेख किया गया एक वैज्ञानिक तथ्य भी है.
इसी तरह, कुरआन के कई श्लोक कहते है कि "पृथ्वी को फैलाया गया है"
और धरती को हमने बिछाया, तो हम क्या ही खूब बिछाने वाले हैं. [कुरआन 51:48]
क्या ऐसा नहीं है कि हमने धरती को बिछौना बनाया और पहाडो को खूंटे? [कुरआन 78:6-7]
कुरआन की इन आयात में कुछ ज़रा सा भी निहितार्थ नहीं है कि पृथ्वी फ्लैट हैं. यह केवल इंगित करता है कि पृथ्वी विशाल है और पृथ्वी के इस फैलाव वाले स्वाभाव का कारण उल्लेख करते हुए शानदार कुरआन कहता हैं:
ऐ मेरे बन्दों, जो ईमान लाए हो! निसंदेह मेरी धरती विशाल है, अत: तुम मेरी ही बंदगी करो. [कुरआन 29:56]
कुरआन की उपरोक्त आयात से यह भी पता चलता है कि किसी का यह बहाना भी नहीं चल सकेगा कि वह परिवेश और परिस्थितियों की वजह से अच्छे कर्म नहीं सका और बुराई करने पर मजबूर हुआ था.
यह सवाल बहुत आम है, तुमने बहुत अच्छा जवाब दिया है बेटा
ReplyDeletewah Shahnawaz bhai, bahut khoob!
ReplyDeleteपवित्र कुरआन तार्किक आधार पर एक कालीन के रूप में पृथ्वी की पपड़ी (उपरोक्त तस्वीर के अनुसार उपरी सतह) का वर्णन करता है, जिसके नीचे गर्म तरल पदार्थ हैं एवं जिसके बिना मनुष्य के लिए प्रतिकूल वातावरण में जीवित रहना सक्षम नहीं होता. कुरआन का यह ज्ञान भूवैज्ञानिकों के द्वारा सदियों की खोज के बाद उल्लेख किया गया एक वैज्ञानिक तथ्य भी है.
ReplyDeleteइसी तरह, कुरआन के कई श्लोक कहते है कि “पृथ्वी को फैलाया गया है”
ReplyDeleteऔर धरती को हमने बिछाया, तो हम क्या ही खूब बिछाने वाले हैं. [कुरआन 51:48]
nice article, very intresting
ReplyDeleteKeep it up Shahnawaz Bhai!
ReplyDeleteबहुत बढ़िया शाहनवाज़ जी. माशाल्लाह बहुत अच्छा जवाब दिया आपने. ईमेल के लिए शुक्रिया.
ReplyDeleteऐसे बहुत सारे सवाल इन्टरनेट पर मालूम किये जाते हैं, अगर आप उनके जवाब देंगे तो बहुत आसानी होगी. इस वेबसाइट की ऑरकुट प्रोफाइल पर कुछ लोग बहुत सारे सवाल कर रहे हैं, वहां भी जवाब देने की कोशिश करें.
ReplyDeleteकुरान ही हर प्रश्न का उत्तर है
ReplyDeletedabirnews.blogspot.com
शहरयार भाई, मैंने वह सवाल देंखे हैं, थोड़ी व्यस्तता के कारण जवाब नहीं दे पाया. कोशिश करूँगा इंशाल्लाह जल्दी ही जवाब देने की.
ReplyDeleteशहरयार भाई उन सवालियों को कहें वह हमारे दर पे आ जाऐं खाली वापस न जाएंगे
ReplyDeletevedquran.blogspot.com
क़ालीन कभी राहत के लिए बिछाया जाता है तो कभी किसी को सम्मान देने के लिए । सजावट के लिए भी क़ालीन बिछाया जाता है और अपनी शान और शौकत दिखाने के लिए भी ।
ReplyDeleteएक ही चीज के बहुत से इस्तेमाल होते हैं ।
ReplyDeleteयह तो चीज के मालिक के ऊपर है कि वह अपनी चीज का कब कैसे और क्या इस्तेमाल करे ?